ढाल कैलकुलेटर
नतीजा
ढाल
- y-अंतःखंड
- 0.000000
- ढाल का कोण
- 63.4349
ढाल कैलकुलेटर किसी सीधी रेखा की ढाल उसी रूप में निकालता है जिस रूप में रेखा आम तौर पर दी जाती है — दो बिंदुओं से या उसके समीकरण ax + by = c से। ढाल के साथ यह तीन बातें और बताता है: रेखा y-अक्ष को कहाँ काटती है (y-अंतःखंड), वह क्षैतिज से कितना कोण बनाती है (ढाल का कोण), और यह कि ढाल उस रूप से कैसे निकली। ऊपर का चयन तय करता है कि ख़ानों का कौन-सा समूह पढ़ा जाएगा। दो बिंदु चुनने पर ढाल y में बदलाव बटा x में बदलाव है, और रेखा का समीकरण चुनने पर वह −a ÷ b है तथा y-अंतःखंड c ÷ b। बिंदु (1, 2) और (4, 8) ढाल 2 देते हैं, y-अंतःखंड 0 और ढाल का कोण 63.4349 डिग्री, यानी वह रेखा y = 2x है जो ठीक मूल बिंदु से जाती है। बिंदु (0, 3) और (4, 0) दूसरी दिशा का उदाहरण हैं: ढाल −0.75, y-अंतःखंड 3 और कोण −36.8699 डिग्री, क्योंकि रेखा बाएँ से दाएँ नीचे की ओर जाती है। समीकरण वाले रूप में 2x + 3y = 6 की ढाल −2 ÷ 3 = −0.666667 और y-अंतःखंड 2 है — वही −2/3 जिसे हाथ से निकालते समय माइनस का चिह्न छूट जाता है। दोनों समूह के ख़ाने एक साथ सामने रहते हैं और जिस समूह को पढ़ा नहीं जा रहा वह धुँधला नहीं किया जाता, इसलिए ग़लत समूह में डाली गई संख्या का कोई असर नहीं पड़ता और कोई चेतावनी भी नहीं आती; चयन बदलने पर ही वे ख़ाने गिनती में आते हैं। खड़ी रेखा इस पेज पर ठुकरा दी जाती है, क्योंकि उसकी ढाल होती ही नहीं: दोनों बिंदुओं का x एक ही होना, या समीकरण में b का शून्य होना, दोनों इसी एक इनकार पर पहुँचते हैं, और पेज अनंत छापने के बजाय बात कह देता है। क्षैतिज रेखा उलटा मामला है — उसकी ढाल ठीक 0 होती है और जवाब मिलता है। ढाल का कोण ढाल का arctangent है, इसलिए वह हमेशा −90 और 90 डिग्री के बीच रहता है: जो रेखा दाईं ओर गिरती है उसका कोण ऋणात्मक आता है, जबकि ज्यामिति की किताबों में पढ़ाया जाने वाला झुकाव कोण उसी रेखा को 135 डिग्री कहता है। दोनों संख्याएँ एक ही रेखा की हैं, और इनमें उलझने पर आगे का हर हिसाब सिर्फ़ एक चिह्न से उलटा हो जाता है। ढाल की कोई इकाई नहीं होती, क्योंकि वह दो बदलावों का अनुपात है; वह तभी मायने रखती है जब दोनों अक्ष एक ही चीज़ में नापे गए हों — मीटर प्रति मीटर, या रुपये प्रति रुपये। यह पेज तब निकालिए जब रेखा पहले से किसी न किसी रूप में दी हो और उसकी ढाल तथा y-अंतःखंड चाहिए हों: 2x + 3y = 6 से एक ही क़दम में −2/3 और 2, बिना काग़ज़ पर पलटे। रेखा को जाँचने के लिए भी यही पेज है — ढाल का चिह्न उलटा आए या y-अंतःखंड वहाँ न बैठे जहाँ रेखा अक्ष को काटती है, तो समीकरण कहीं ग़लत पढ़ा गया है। और अगर सवाल उलटा हो, यानी ढाल से या दो बिंदुओं से समीकरण लिखना हो, तो बिंदु-ढाल रूप और ढाल-अंतःखंड रूप वाले पेज हैं।
आम ढालें और उनके कोण
| ढाल | ढाल का कोण (°) |
|---|---|
| 0 | 0 |
| 1 | 45 |
| -1 | -45 |
| 0.5 | 26.5651 |
| 2 | 63.4349 |
| 3 | 71.5651 |
| -3 | -71.5651 |
| 0.25 | 14.0362 |
आठ ढालें जो बार-बार सामने आती हैं, और हर एक का क्षैतिज से बना कोण। पहला कॉलम वही जवाब है जो यह पेज निकालता है और दूसरा वही जवाब arctangent से गुज़ारकर — यानी यह काम किए हुए नतीजों की सारणी है, इनपुट की नहीं: यहाँ कोई निर्देशांक नहीं है। दो पंक्तियाँ ज़बानी याद रखने लायक़ हैं क्योंकि उनके कोण ठीक-ठीक हैं — ढाल 1 का कोण 45 डिग्री और ढाल −1 का −45 डिग्री। ध्यान दीजिए कि ढाल 0 वाली पंक्ति में कोण भी 0 है: क्षैतिज रेखा को जवाब मिलता है, इनकार नहीं। सारणी के ख़ाने स्थानीयकृत नहीं होते, इसलिए कोण इस तरह चुने गए हैं कि दशमलव के बाद के अंक कम रहें: 26.5651 और 14.0362 चार दशमलव पर रुकते हैं और पूरी सारणी में किसी भी ख़ाने में एक से ज़्यादा दशमलव चिह्न नहीं आता, ताकि जिस भाषा में दशमलव का चिह्न कॉमा है वहाँ पाठक को दो चिह्नों वाली संख्या न पढ़नी पड़े। हर ख़ाना पेज बनते समय उसकी अपनी पंक्ति से दोबारा निकाला जाता है।
फ़ॉर्मूला
m = (y₂ − y₁) ÷ (x₂ − x₁) b = y₁ − m·x₁ ax + by = c ⇒ m = −a ÷ b, b = c ÷ b
- x₁, y₁, x₂, y₂
- दो बिंदु, जो चयन दो बिंदु पर होने पर पढ़े जाते हैं। पहला और दूसरा बिंदु आपस में बदले जा सकते हैं — बदलने पर अंश और हर दोनों का चिह्न पलट जाता है, इसलिए ढाल वही निकलती है। जो नहीं बदला जा सकता वह यह है कि x की जगह y डाल दिया जाए: ऐसा कोई जाँच नहीं पकड़ता, और नतीजा एक ऐसी संख्या होगी जो बिल्कुल साधारण दिखती है
- a, b, c
- रेखा के समीकरण ax + by = c के तीन गुणांक, जो चयन रेखा का समीकरण पर होने पर पढ़े जाते हैं। दूसरे रूप में ये तीनों अनदेखे रहते हैं, और स्क्रीन पर इसका कोई संकेत नहीं मिलता। ध्यान दीजिए कि यहाँ b, y का गुणांक है, y-अंतःखंड नहीं — अंतःखंड अलग पाठ है, और इन दोनों को एक मान लेना इस रूप की सबसे आम ग़लती है
- ढाल (m) = (y₂ − y₁) ÷ (x₂ − x₁)
- दो बिंदुओं से ढाल, यानी ऊँचाई बटा फैलाव। बिंदु कितनी भी दूर हों यह संख्या वही रहती है, और यही रेखा के सीधा होने का मतलब है — एक मील दूर के दो बिंदु लीजिए या एक मिलीमीटर दूर के दो, अनुपात नहीं बदलता। अकेला मामला जो इसे तोड़ता है वह x₁ = x₂ है, जहाँ हर शून्य हो जाता है और रेखा खड़ी हो जाती है
- ढाल (m) = −a ÷ b
- रेखा के समीकरण से ढाल, जो ax + by = c को y = (−a ÷ b)x + (c ÷ b) के रूप में पलटने पर निकलती है। यहाँ का माइनस छूट जाना आसान है, और छूटने पर ढाल उतनी ही बड़ी बनती है मगर उलटे चिह्न की — यही वह ग़लती है जिससे गिरती हुई रेखा चढ़ती दिखने लगती है। b का शून्य होना इस पलटाव में शून्य से भाग बन जाता है और रेखा खड़ी हो जाती है, इसलिए वह मामला अनुमान लगाने के बजाय ठुकरा दिया जाता है
- y-अंतःखंड (b) = y₁ − m·x₁
- y-अंतःखंड, यानी वह जगह जहाँ रेखा लंबवत अक्ष को काटती है। यह ढाल और एक बिंदु से निकाला जाता है, ग्राफ़ पर आँख से नहीं पढ़ा जाता, और हर इनपुट पर छपता है — उन पर भी जहाँ वह शून्य है। मूल बिंदु से जाती रेखा का अंतःखंड ठीक 0 होता है, और उसे साफ़ देख लेना अच्छा है: यह वह मामला है जिसमें समीकरण में कोई अचर पद ही नहीं है
- ढाल का कोण = arctan(m)
- ढाल का कोण, डिग्री में, यानी ढाल का arctangent, जो −90 और 90 के बीच रहता है। ढाल 1 से 45 डिग्री आते हैं, ढाल −1 से −45, और क्षैतिज रेखा से 0। यह निर्देशांक ज्यामिति वाला झुकाव कोण नहीं है, जो 0 से 180 तक चलता है और उसी −45 वाली रेखा को 135 बताता; यहाँ arctangent इसलिए चुना गया है क्योंकि वह ढाल से सीधे निकलता है — एक-के-एक, और उलटा भी किया जा सकता है
इसे तब लीजिए जब रेखा पहले से किसी न किसी रूप में दी हो और उसकी ढाल तथा y-अंतःखंड चाहिए हों — 2x + 3y = 6 से एक ही क़दम में ढाल −2/3 और y-अंतःखंड 2 निकल आते हैं। यह उस रेखा को जाँचने का पेज भी है जिसे आपने खींच तो ली है: ढाल का चिह्न उलटा आए या y-अंतःखंड वहाँ न बैठे जहाँ रेखा अक्ष को काटती है, तो समीकरण कहीं ग़लत पढ़ा गया है। ढाल का कोण तब काम आता है जब ढाल की तुलना किसी असली चढ़ाई से करनी हो, मगर ध्यान रखिए कि वह arctangent है, झुकाव कोण नहीं, इसलिए उस पाठ को इस फ़र्क़ के साथ पढ़िए। ढाल-अंतःखंड रूप कैलकुलेटर तब लीजिए जब ढाल और अंतःखंड से समीकरण लिखना हो, और बिंदु-ढाल रूप कैलकुलेटर तब जब ढाल के साथ एक ही बिंदु पता हो — यह पेज उसी सवाल को उलटी दिशा से पूछता है। प्रतिशत में लिखी ढलान या रैंप की बात हो तो ढाल ग्रेड कैलकुलेटर तथा राइज़ ओवर रन कैलकुलेटर लीजिए — एक ही हिसाब, दो शब्दावलियाँ। और अगर समीकरण में x² हो तो द्विघात सूत्र कैलकुलेटर, क्योंकि वक्र की एक ही ढाल नहीं होती, और वह पेज उसके शून्य खोजता है।
हल किए हुए उदाहरण
बिंदु (1, 2) और (4, 8) से जाती रेखा
- y में बदलाव: 8 − 2 = 6
- x में बदलाव: 4 − 1 = 3
- ढाल: 6 ÷ 3 = 2
- y-अंतःखंड: 2 − 2 × 1 = 0, यानी रेखा मूल बिंदु से जाती है
- ढाल का कोण: arctan(2) = 63.4349 डिग्री
दो बिंदुओं वाला मामला, जिसमें कोण के सिवा हर जवाब गोल संख्या है — और यही आम हालत है, क्योंकि किसी परिमेय ढाल का arctangent लगभग कभी पूरे अंशों में नहीं आता। पैनल ढाल और y-अंतःखंड छह दशमलव तक छापता है, इसलिए वहाँ 2.000000 और 0.000000 दिखेंगे। y-अंतःखंड का ठीक 0 होना रुककर देखने लायक़ है: इसका मतलब इस रेखा का समीकरण y = 2x है जिसमें कुछ जोड़ा ही नहीं गया, और जिस पाठक को उम्मीद थी कि अंतःखंड अक्ष पर कुछ दिखने लायक़ दूरी होगी, वह ऐसी रेखा देख रहा है जो ठीक मूल बिंदु पर काटती है।
बिंदु (0, 3) और (4, 0) से जाती रेखा
- y में बदलाव: 0 − 3 = −3
- x में बदलाव: 4 − 0 = 4
- ढाल: −3 ÷ 4 = −0.75, ऋणात्मक क्योंकि रेखा दाईं ओर गिरती है
- y-अंतःखंड: 3 − (−0.75 × 0) = 3, जो ग्राफ़ पर बिंदु (0, 3) की तरह दिखता है
- ढाल का कोण: arctan(−0.75) = −36.8699 डिग्री
ऋणात्मक ढाल, और वह मामला जहाँ कोण की परिभाषा मायने रखती है। यह रेखा दाईं ओर गिरती है, इसलिए कोण ऋणात्मक आता है — ज्यामिति की किताब उसी रेखा का झुकाव कोण 143.13 डिग्री कहेगी, और दोनों संख्याएँ एक ही रेखा बताती हैं। यहाँ y-अंतःखंड जाँचने में सबसे आसान है, क्योंकि पहले बिंदु का x ही 0 है और वह ठीक लंबवत अक्ष पर बैठा है।
रेखा 2x + 3y = 6
- y = mx + b के रूप में पलटिए: 3y = 6 − 2x, यानी y = 2 − (2 ÷ 3)x
- ढाल −a ÷ b = −2 ÷ 3 = −0.666667
- y-अंतःखंड c ÷ b = 6 ÷ 3 = 2
- ढाल का कोण: arctan(−0.666667) = −33.6901 डिग्री
- जाँच: x = 0 पर समीकरण 3y = 6 पढ़ा जाता है, इसलिए y = 2, और वही y-अंतःखंड है
समीकरण वाला रूप, और वह मामला जो दिखाता है कि सूत्र में माइनस क्यों है। वह माइनस हटा दीजिए तो 0.666667 मिलता है, −0.666667 नहीं — उतनी ही तेज़ी, चढ़ती हुई नहीं बल्कि गिरती हुई, और यही वह ग़लती है जिसे मूल समीकरण से जाँच लेना पकड़ लेता है और संख्या पर एक नज़र नहीं। y-अंतःखंड को सूत्र पर भरोसा करने के बजाय समीकरण में x = 0 डालकर भी जाँचा जा सकता है।
रेखा x − y = 4
- पलटिए: −y = 4 − x, यानी y = x − 4
- ढाल −a ÷ b = −1 ÷ (−1) = 1
- y-अंतःखंड c ÷ b = 4 ÷ (−1) = −4
- ढाल का कोण: arctan(1) = ठीक 45 डिग्री
ऋणात्मक b, और यही वह जगह है जहाँ सूत्र के दोनों माइनस कट जाते हैं और जवाब धनात्मक आते हैं। यह उन गिनी-चुनी रेखाओं में से भी है जिनका कोण पूरे अंशों में आता है: ढाल 1 का कोण 45 डिग्री और ढाल −1 का −45 डिग्री, इसीलिए वे दोनों पंक्तियाँ ऊपर की सारणी में भी बैठी हैं। −4 का y-अंतःखंड कहता है कि रेखा मूल बिंदु के नीचे काटती है, और जिस पाठक ने यह मान लिया कि ऋणात्मक गुणांक का मतलब ऋणात्मक ढाल है, उसे ठीक उलटा जवाब मिलेगा।
बिंदु (2, 5) और (6, 5) से जाती क्षैतिज रेखा
- y में बदलाव: 5 − 5 = 0
- x में बदलाव: 6 − 2 = 4
- ढाल: 0 ÷ 4 = 0 — क्षैतिज रेखा, और उसकी ढाल अनिर्धारित नहीं बल्कि शून्य है
- y-अंतःखंड: 5 − 0 × 2 = 5, यानी वह ऊँचाई जिस पर रेखा चलती है
- ढाल का कोण: arctan(0) = 0 डिग्री
शून्य ढाल, यानी वह मामला जिसे इस पेज द्वारा ठुकराई जाने वाली खड़ी रेखा समझ लिया जाता है। क्षैतिज रेखा की ढाल ठीक शून्य होती है — वह न चढ़ती है न गिरती है — जबकि खड़ी रेखा की ढाल होती ही नहीं, और पूरा फ़र्क़ यही है कि शून्य अंश में पड़ता है या हर में। यहाँ हर जवाब साफ़-सुथरी संख्या है, इसलिए अपने बनाए रेखाचित्र से मिलाने के लिए यह इस पेज की सबसे आसान पंक्ति है।
सीमाएँ
इस पेज का सबसे ज़रूरी व्यवहार यह है कि दोनों समूह के ख़ाने हमेशा सामने रहते हैं और चयन तय करता है कि कौन-सा पढ़ा जाएगा। जिस समूह को पढ़ा नहीं जा रहा वह धुँधला नहीं किया जाता — पेज ऐसा कर ही नहीं सकता — इसलिए ग़लत समूह में डाली गई संख्याएँ चुपचाप अनदेखी रह जाती हैं और उन्हें बदलने पर नतीजा हिलता तक नहीं। यह इस पेज की अकेली ऐसी बात है जो स्क्रीन से पकड़ में नहीं आती, और इसका इलाज सिर्फ़ चयन जाँचना है: दो बिंदु चुना हो तो चारों निर्देशांक वाले ख़ाने पढ़े जाते हैं और a, b, c वाले नहीं, और रेखा का समीकरण चुना हो तो ठीक उलटा। अधूरी जानकारी पर पैनल का संदेश सामान्य रहता है — वह यह नहीं बताता कि कौन-सा ख़ाना ख़ाली है, सिर्फ़ इतना कहता है कि इन इनपुट से कोई नतीजा नहीं निकला; ख़ाली ख़ाने का नाम स्क्रीन पर नहीं, ब्राउज़र के कंसोल में जाता है। खड़ी रेखा दोनों रूपों में ठुकरा दी जाती है, क्योंकि उसकी ढाल होती ही नहीं: दो बिंदुओं का x एक ही हो तो भाग शून्य से होता है, और समीकरण में b = 0 हो तो वही बात है; a = b = 0 होने पर वह समीकरण रेखा ही नहीं है। क्षैतिज रेखा इससे बिल्कुल अलग मामला है और उसकी ढाल ठीक 0 आती है — शून्य अंश में पड़े या हर में, यही दोनों के बीच का सारा फ़र्क़ है। ढाल का कोण ढाल का arctangent है और −90 से 90 डिग्री के बीच रहता है, वह निर्देशांक ज्यामिति वाला 0 से 180 का झुकाव कोण नहीं: वही गिरती रेखा यहाँ −45 है और वहाँ 135, और इन दोनों में उलझने पर कोण से निकलने वाली हर चीज़ में एक चिह्न ग़लत हो जाता है। कोण चार दशमलव तक छपता है, और ढाल 11,45,916 पर वह 90.0000 दिखने लगता है (11,45,915 पर अब भी 89.9999), हालाँकि arctangent 90 तक पहुँचता ही नहीं — यह छपाई की गोलाई है, गणना की नहीं। ढाल और y-अंतःखंड छह दशमलव तक छपते हैं, इसलिए 2 भी 2.000000 दिखता है और 0 भी 0.000000; ये प्रदर्शन की चौड़ाइयाँ हैं, सटीकता के दावे नहीं। निर्देशांकों और गुणांकों की सीमा ±10,00,000 है, जो एक प्रदर्शन सीमा है — उसके भीतर रहकर भी ढाल बहुत बड़ी बन सकती है, जैसे (0, 0) और (1, 10,00,000) से ढाल 10,00,000 आती है, और पैनल उसे भारतीय अंक-समूहन में 10,00,000.000000 छापता है। ढाल की कोई इकाई नहीं होती, और वह तभी मायने रखती है जब दोनों अक्ष एक ही चीज़ में नापे गए हों; x मीटर में और y सेंटीमीटर में डालिए तो पेज फिर भी भाग दे देगा और ढाल सौ गुना बड़ी आएगी, बिना कोई संकेत दिए कि कुछ गड़बड़ है, क्योंकि वह इकाइयाँ जानता ही नहीं। दोनों बिंदु आपस में बदल देने पर ढाल और कोण वही रहते हैं, मगर x की जगह y डाल देना कोई जाँच नहीं पकड़ सकती — कोई भी चार संख्याएँ किसी न किसी रेखा के निर्देशांक होती हैं। यहाँ कुछ वर्गीकृत नहीं होता: ढाल कितनी तेज़ है इसका कोई ऐसा मानक नहीं जिस पर सब सहमत हों, और चिह्न पहले से बता देता है कि रेखा चढ़ती है या गिरती है, इसलिए इस पेज पर कोई बैज नहीं लगता। और यह पेज सिर्फ़ सीधी रेखाओं का है: वक्र की हर बिंदु पर अलग ढाल होती है, और यहाँ कोई अवकलज नहीं निकलता।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- किसी ख़ाने को बदलने पर जवाब कभी-कभी क्यों नहीं बदलता?
- क्योंकि चयन दूसरे समूह पर है। दोनों समूह के ख़ाने हमेशा सामने रहते हैं और एक बार में सिर्फ़ एक समूह पढ़ा जाता है: चयन दो बिंदु पर हो तो a, b, c वाले ख़ाने पूरी तरह अनदेखे रहते हैं, और रेखा का समीकरण पर हो तो चारों निर्देशांक। जिस समूह को पढ़ा नहीं जा रहा वह धुँधला नहीं होता, इसलिए कौन-सी संख्याएँ गिनती में हैं यह सिर्फ़ चयन से पता चलता है — नतीजा अटका लगे तो पहले वही देखिए।
- खड़ी रेखा की ढाल क्या होती है?
- कुछ नहीं, और यह पेज वह इनपुट लेने से मना कर देता है, अनंत छापता नहीं। ढाल y में बदलाव बटा x में बदलाव है, और खड़ी रेखा पर x में बदलाव शून्य होता है, इसलिए हिसाब शून्य से भाग माँगता है। अनंत कोई ऐसी संख्या नहीं जिसे अगले क़दम में ले जाया जा सके, और ढाल को अनंत कहने से लगता कि वह बहुत बड़ी संख्या है, जबकि सच यह है कि संख्या है ही नहीं। क्षैतिज रेखा उलटा मामला है: उसकी ढाल ठीक 0 होती है।
- रेखा का समीकरण से ढाल कैसे निकालें?
- ax + by = c को y = mx + b के रूप में पलटिए। ऐसा करने पर ढाल −a ÷ b मिलती है और y-अंतःखंड c ÷ b, और यही पेज चयन रेखा का समीकरण पर होने पर निकालता है। चिह्न दिखने से ज़्यादा मायने रखता है: 2x + 3y = 6 की ढाल −2/3 है, और माइनस हटा देने पर उतनी ही तेज़ रेखा उलटी दिशा में चली जाती है।
- ढाल का कोण और झुकाव कोण में क्या फ़र्क़ है?
- ढाल का कोण ढाल का arctangent है और −90 से 90 डिग्री के बीच रहता है; निर्देशांक ज्यामिति में पढ़ाया जाने वाला झुकाव कोण 0 से 180 के बीच रहता है। जो रेखा दाईं ओर गिरती है उस पर दोनों 180 डिग्री के फ़र्क़ से अलग हो जाते हैं: ढाल −1 पर यह पेज −45 बताता है, जबकि उसी रेखा का झुकाव कोण 135 है। यह पेज arctangent इसलिए चुनता है क्योंकि वह ढाल से सीधे और एक-के-एक निकलता है, ऋणात्मक ढाल पर 180 जोड़ने का कोई अतिरिक्त नियम नहीं चाहिए।
- क्या ढाल की कोई इकाई होती है?
- अकेली ढाल की नहीं। ढाल दो बदलावों का अनुपात है, इसलिए वह एक शुद्ध संख्या है, और वह तभी प्रति इकाई इतना बनती है जब दोनों अक्ष एक ही चीज़ में नापे गए हों — दोनों अक्ष मीटर में हों तो संख्या इकाई-रहित रहती है, और एक अक्ष मीटर तथा दूसरा सेकंड हो तो ढाल मीटर प्रति सेकंड बनती है। पेज यह पूछता ही नहीं, इसलिए न बदल सकता है न नाम लगा सकता है; दोनों अक्ष अलग इकाइयों में हों तो ढाल एक दर है और उसकी इकाई वह अकेली चीज़ है जो यह पेज नहीं दे सकता।
- क्या इससे रेखा का समीकरण निकाल सकते हैं?
- नहीं — यह पेज उलटी दिशा में चलता है। वह ऐसी रेखा लेता है जो पहले से बताई गई है, चाहे दो बिंदुओं से या समीकरण से, और उसकी ढाल तथा y-अंतःखंड बताता है। ढाल और एक बिंदु से समीकरण लिखना दूसरा काम है और उसके लिए बिंदु-ढाल रूप कैलकुलेटर है। हाँ, रास्ते में यह y-अंतःखंड दे देता है, और ढाल तथा अंतःखंड मिलकर ढाल-अंतःखंड रूप ही हैं — अगर आप उसे ख़ुद लिखना चाहें तो सामग्री यहीं मिल जाती है।
संदर्भ
- Slope — the definition of the slope of a line as rise over run, with the two-point and equation forms this page evaluates — Wolfram MathWorld (United States)
- Line — the general equation ax + by = c and its rearrangement into slope-intercept form, including the vertical case where b is zero — Wolfram MathWorld (United States)
- Inverse Tangent — the arctangent used for the angle column, and the range from −90 to 90 degrees that distinguishes it from the inclination angle — Wolfram MathWorld (United States)