sine कैलकुलेटर
नतीजा
sine
- चतुर्थांश (0 = अक्ष पर)
- 1
sine कैलकुलेटर किसी भी कोण का sine निकालता है — यानी उस कोण के सामने वाली भुजा और कर्ण का अनुपात, जो इकाई वृत्त पर उस बिंदु की ऊँचाई बन जाता है जहाँ कोण पहुँचता है। छह त्रिकोणमितीय अनुपातों में यही वह अनुपात है जो सवाल का जवाब देता है: कितना ऊपर। और यह हर कोण पर परिभाषित है — ऐसा कोई कोण नहीं जिस पर सामने की भुजा और कर्ण का अनुपात बनना बंद हो जाए, इसलिए tangent वाले पेज के उलट यह पन्ना आपकी भरी हुई संख्या को कभी मना नहीं करता। दो गुण बाक़ी सब से ज़्यादा काम के हैं। sine एक विषम फलन है, इसलिए ऋणात्मक कोण उसी जवाब का ऋणात्मक रूप देता है — cosine इसके ठीक उलट व्यवहार करता है और ऋणात्मक कोण पर भी वही मान लौटाता है जो धनात्मक पर देता है। और यह पूरे एक चक्कर पर दोहराता है, आधे चक्कर पर नहीं, क्योंकि किसी बिंदु की ऊँचाई अपनी पुरानी जगह पर तभी लौटती है जब वह पूरा चक्कर लगा ले। दूसरा ख़ाना चतुर्थांश है, और यही वह अकेली चीज़ है जो यह पेज छापता है और cosine का पेज नहीं। चतुर्थांश निर्देशांक तल के वे चार हिस्से हैं जो धनात्मक क्षैतिज अक्ष से वामावर्त गिने जाते हैं; sine का चिह्न बताता है कि बिंदु अक्ष के ऊपर है या नीचे, cosine का चिह्न बताता है कि दाएँ है या बाएँ, और दोनों मिलकर चौथाई तय कर देते हैं। तीस डिग्री पर sine एक बटा दो है और चतुर्थांश 1, यानी बिंदु अक्ष के ऊपर और दाईं ओर। एक सौ पचास डिग्री पर sine आज भी एक बटा दो है पर चतुर्थांश 2 है: वही ऊँचाई, दूसरी तरफ़। यही जोड़ी इस पेज की सबसे साफ़ बात है — किसी कोण का sine उसके संपूरक कोण के sine के बराबर होता है, और इसीलिए नीचे की तालिका में एक ही संख्या दो बार, दो अलग चतुर्थांशों के साथ दिखती है। जो कोण ठीक किसी अक्ष पर बैठते हैं — शून्य, नब्बे, एक सौ अस्सी, दो सौ सत्तर — वे किसी चतुर्थांश में नहीं आते, और उनके लिए यह ख़ाना 1 या 2 लिखने के बजाय 0 लिखता है। नीचे की संदर्भ तालिका बारह पंक्तियाँ छापती है और उनमें एक भी ख़ाना ख़ाली नहीं है; पूरा कोण एक साथ चाहिए — sine के साथ cosine और tangent भी — तो त्रिकोणमिति वाला पेज तीनों एक साथ छापता है। कोण का ख़ाना डिग्री, रेडियन और ग्रेडियन तीनों लेता है, और तीनों एक ही चीज़ के तीन नाम हैं: 180° = 200 grad = π rad — यह परिभाषा है, कोई अनुमान नहीं। इसीलिए यहाँ कोई जगह छोटा करने की नहीं है। चुनी हुई इकाई सिर्फ़ आपके भरे हुए कोण पर लागू होती है और कहीं और नहीं: जवाब एक अनुपात है, उसका कोई पैमाना नहीं, और चतुर्थांश तो शुद्ध गिनती है। जवाब चार दशमलव स्थानों तक छपता है, और उतना ही काफ़ी है — इस पेज की बारह पंक्तियों में तीस, नब्बे और उनके प्रतिबिंब ही ऐसे कोण हैं जिनका sine छोटा और ठीक-ठीक होता है।
बारह कोणों पर sine और उनका चतुर्थांश
| कोण (°) | sine | चतुर्थांश (0 = अक्ष पर) |
|---|---|---|
| 0 | 0 | 0 |
| 30 | 0.5 | 1 |
| 45 | 0.7071 | 1 |
| 60 | 0.866 | 1 |
| 90 | 1 | 0 |
| 120 | 0.866 | 2 |
| 135 | 0.7071 | 2 |
| 150 | 0.5 | 2 |
| 180 | 0 | 0 |
| 210 | -0.5 | 3 |
| 270 | -1 | 0 |
| 330 | -0.5 | 4 |
बारह पंक्तियाँ, तीन ख़ाने, और तीसरे ख़ाने में एक भी «—» नहीं — यह वह पेज है जो कोण कभी मना नहीं करता और यह तालिका वही दिखाती है। चतुर्थांश वाले ख़ाने को ऊपर से नीचे पढ़िए तो चारों हिस्से क्रम से आते हैं: पहले नब्बे डिग्री तक 1, नब्बे से एक सौ अस्सी तक 2, वहाँ से दो सौ सत्तर तक 3, और पूरे चक्कर तक 4 — बीच में चार जगह शून्य, जो वे अक्ष वाले कोण हैं जो किसी चौथाई के नहीं। मान वाले ख़ाने का अपना ढाँचा है: पहली चौथाई में शून्य से एक तक चढ़ता है, दूसरी में उतरकर शून्य पर आता है, अक्ष के नीचे जाकर दो सौ सत्तर पर माइनस एक छूता है, और फिर वापस चढ़ता है। और मान दो-दो करके दोहराता है: तीस के सामने एक सौ पचास, पैंतालीस के सामने एक सौ पैंतालीस, साठ के सामने एक सौ बीस, और दो सौ दस के सामने तीन सौ तीस। हर जोड़ी एक कोण और लंबवत अक्ष के आइने में उसका प्रतिबिंब है, जो यह कहने का ही दूसरा तरीक़ा है कि दोनों संपूरक हैं — और शून्य दो बार आता है, शून्य तथा एक सौ अस्सी डिग्री पर, क्योंकि ऋजु कोण बिंदु को वापस क्षैतिज अक्ष पर ले आता है।
फ़ॉर्मूला
sin θ = सामने की भुजा ÷ कर्ण sin θ = y ÷ r sin θ = −sin(−θ)
- कोण
- वह कोण जिसका sine चाहिए, डिग्री, रेडियन या ग्रेडियन में। यह ऋणात्मक भी हो सकता है और पूरे चक्कर से बड़ा भी — मायने सिर्फ़ इसका है कि यह वृत्त पर कहाँ पहुँचता है। ख़ाना दोनों दिशाओं में 10,00,000 तक लेता है और उससे बाहर की संख्या मना कर देता है, क्योंकि उतने बड़े कोण को घटाकर छोटा करने का मतलब ही नहीं बचता
- सामने की भुजा / कर्ण
- समकोण त्रिभुज की वे दो भुजाएँ जो कोण उसमें होने पर मिलती हैं: कोण के सामने वाली भुजा, और सबसे लंबी भुजा यानी कर्ण। sine इनमें पहली बटा दूसरी है, और इसीलिए यह कभी एक से बड़ा नहीं होता और कभी माइनस एक से छोटा नहीं होता
- y / r
- वही अनुपात r त्रिज्या के वृत्त पर: y उस बिंदु की ऊँचाई है जहाँ कोण पहुँचता है। इकाई वृत्त पर r एक होता है, इसलिए sine सीधे वही ऊँचाई बन जाता है — और तभी इस अनुपात का नाम केवल ऊँचाई पड़ जाता है। यही वह रूप है जिससे दिखता है कि sine कभी अनुपात बनना बंद क्यों नहीं करता: r कभी शून्य नहीं होता
- चतुर्थांश
- निर्देशांक तल का वह चौथाई जिसमें कोण पड़ता है, धनात्मक क्षैतिज अक्ष से वामावर्त गिना हुआ। शून्य का मतलब है कि कोण ठीक किसी अक्ष पर बैठा है और किसी चतुर्थांश का नहीं है — यह छूटा हुआ मान नहीं और पाँचवाँ चतुर्थांश भी नहीं, यही सही जवाब है
यह पेज तब उठाइए जब कोण पता हो और उसके साथ आने वाली ऊँचाई चाहिए — ढलान का लंबवत हिस्सा, रैंप की ऊँचाई उसकी लंबाई के मुक़ाबले, किसी बल का ऊपर की ओर वाला घटक। चिह्न जाँचने का भी यह सबसे तेज़ रास्ता है: अगर कोण समकोण से आगे है तो sine एक सौ अस्सी डिग्री तक धनात्मक ही रहता है, और चूँकि यह पेज चतुर्थांश भी छापता है, एक ही नज़र में दिख जाता है कि बिंदु बाईं ओर खिसका पर ऊपर ही रहा। संदर्भ तालिका वही बारह कोण उसी क्रम में रखती है जिस क्रम में cosine का पेज रखता है, इसलिए दोनों को साथ-साथ पढ़ा जा सकता है; फ़र्क़ यह है कि उस पेज पर कोई ख़ाना ऐसा नहीं है जो ख़ाली रह जाए और इस पेज पर तो कोई ख़ाना ख़ाली है ही नहीं। और अगर आपके पास sine का मान है और उससे कोण वापस चाहिए, तो वह उलटी दिशा है — वहाँ हर मान के लिए दो कोण होते हैं और कौन-सा चुनना है यह फ़ैसला उस पेज का है, इस पेज का नहीं।
हल किए हुए उदाहरण
तीस डिग्री, यानी इस पेज का अपना शुरुआती मान
- समबाहु त्रिभुज को आधा काटने पर तीस डिग्री वाला समकोण त्रिभुज मिलता है
- तीस डिग्री के सामने वाली भुजा कर्ण की ठीक आधी होती है
- एक बटा दो यानी 0.5, और बिंदु अक्ष के ऊपर तथा दाईं ओर है, इसलिए चतुर्थांश 1 है
यह वह कोण है जिसके साथ पेज खुलता है, और इस पेज पर बिना दशमलव के देखी जा सकने वाली एकमात्र ठीक-ठीक संख्या। तीस डिग्री उन ख़ास कोणों में सबसे छोटा भी है जिनका sine शून्य नहीं होता — चौथाई चक्कर पर एक, आठवें हिस्से पर 0.7071, और यहाँ 0.5। चतुर्थांश वाला ख़ाना 1 इसलिए पढ़ता है कि बिंदु क्षैतिज अक्ष के ऊपर और लंबवत अक्ष के दाईं ओर है।
एक सौ पचास डिग्री, वही sine, दूसरा चतुर्थांश
- एक सौ पचास डिग्री ऋजु कोण से तीस डिग्री पीछे है
- संपूरक कोण का sine वही रहता है, इसलिए मान 0.5 ही है
- पर बिंदु अब बाईं ओर है, इसलिए चतुर्थांश 2 है
दो पंक्तियाँ एक ही संख्या छापती हैं और यही इस पेज का सबसे उपयोगी सबक़ है: sine अकेला यह नहीं बता सकता कि आपके पास तीस डिग्री है या एक सौ पचास — मान दोनों का एक ही है। यह जानकारी चतुर्थांश वाले ख़ाने से आती है, और तभी वह ख़ाना इस पेज पर मौजूद है। दोनों कोण लंबवत अक्ष के आइने में एक-दूसरे के प्रतिबिंब हैं, इसीलिए चतुर्थांश बदल जाता है जबकि ऊँचाई नहीं बदलती।
ऋणात्मक कोण, माइनस तीस डिग्री
- ऋणात्मक कोण अक्ष से नीचे की ओर जाता है, यानी दक्षिणावर्त
- sine विषम फलन है, इसलिए sin(−30°) = −sin(30°) = −0.5
- बिंदु अक्ष के नीचे और दाईं ओर है, इसलिए चतुर्थांश 4 है
यहीं sine और cosine की आदतें अलग हो जाती हैं। माइनस तीस डिग्री पर cosine वही 0.8660 लौटाता है जो तीस डिग्री पर देता, जबकि sine का चिह्न उलट जाता है। वजह सीधी है: cosine क्षैतिज दूरी पढ़ता है और दाईं ओर जाना अक्ष के नीचे जाने से नहीं बदलता, जबकि sine ऊँचाई पढ़ता है और अक्ष के नीचे ऊँचाई ऋणात्मक हो जाती है।
नब्बे डिग्री, जहाँ चतुर्थांश का ख़ाना शून्य लिखता है
- नब्बे डिग्री पर बिंदु ठीक लंबवत अक्ष पर पहुँचता है
- कर्ण की ऊँचाई पूरी होती है, इसलिए sine = 1
- कोण किसी चौथाई के अंदर नहीं, अक्ष पर है, इसलिए चतुर्थांश 0 है
एक और शून्य, दोनों इसी पंक्ति में, और यही पेज की वह जगह है जहाँ लोग उलझते हैं। sine का एक होना अधिकतम है — इससे ऊपर यह जा ही नहीं सकता, क्योंकि कर्ण से लंबी कोई भुजा समकोण त्रिभुज में होती ही नहीं। और चतुर्थांश का शून्य यह नहीं कहता कि पहला चतुर्थांश है; वह यह कहता है कि कोण चारों में से किसी भी चौथाई के अंदर नहीं, उनकी सीमा पर बैठा है।
सीमाएँ
तीन बातें साफ़-साफ़ लिख देनी ठीक है। जवाब चार दशमलव स्थानों तक दिया जाता है और उनमें से ज़्यादातर अपरिमेय हैं: साठ डिग्री का sine तीन का वर्गमूल आधा होता है, इसलिए 0.8660 वह जवाब नहीं बल्कि उसका काटा हुआ रूप है, और इस पेज की बारह पंक्तियों में तीस, नब्बे तथा उनके प्रतिबिंब ही ऐसे कोण हैं जिनका मान छोटा और ठीक-ठीक होता है। दूसरी बात, चतुर्थांश एक चौथाई हिस्से का नाम है, कोई माप नहीं, और चारों कोण जो ठीक अक्ष पर बैठते हैं वे किसी हिस्से के नहीं हैं — उनके लिए यह ख़ाना 0 लिखता है। वह शून्य न छूटा हुआ मान है और न पाँचवाँ चतुर्थांश; वह यह बताता है कि कोण सीमा पर है। तीसरी बात, यह पेज उलटी दिशा में नहीं चलता: sine 0.5 दिया हो तो कोण तीस डिग्री भी हो सकता है, एक सौ पचास भी, और इन दोनों में से किसी पर भी कितने ही पूरे चक्कर जोड़े जा सकते हैं — इनमें से चुनाव एक फ़ैसला माँगता है जो यह पेज नहीं करता, वह काम व्युत्क्रम sine कैलकुलेटर का है। कोण का ख़ाना दोनों दिशाओं में 10,00,000 तक जाता है और उससे बड़ी संख्या घटाकर छोटी करने के बजाय मना कर दी जाती है, क्योंकि उस आकार पर घटाना ख़ुद बेमानी हो जाता है — और यह हद मापने की नहीं, बस एक कार्यशील सीमा है। डिग्री, रेडियन और ग्रेडियन तीनों चलते हैं और तीनों में जवाब एक ही आता है: तीस डिग्री, 0.5236 रेडियन और 33.33 ग्रेडियन एक ही कोण हैं और तीनों का sine 0.5000 है। एक आख़िरी बात जिसकी उम्मीद कभी-कभी इस पेज से की जाती है और जो यहाँ नहीं होती: यह sine को जोड़ता नहीं, गुणा नहीं करता और दो कोणों को मिलाकर कुछ नहीं निकालता — एक कोण अंदर, एक अनुपात बाहर।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- sine कभी ख़त्म क्यों नहीं होता, जबकि tangent हो जाता है?
- क्योंकि भाग की दिशा दूसरी है। sine सामने की भुजा बटा कर्ण है, और कर्ण सबसे लंबी भुजा होती है, इसलिए यह भिन्न हमेशा माइनस एक और एक के बीच रहती है और नीचे वाला घटक कभी शून्य नहीं होता। tangent सामने की भुजा बटा आसन्न भुजा है, और समकोण पर आसन्न भुजा शून्य हो जाती है — शून्य से भाग का कोई जवाब नहीं होता, इसीलिए वह कोण tangent वाले पेज पर मना कर दिया जाता है। यह पेज हर कोण लेता है, नब्बे डिग्री समेत, जहाँ मान एक होता है।
- चतुर्थांश वाला ख़ाना आख़िर बता क्या रहा है?
- यह कि कोण निर्देशांक तल के किस चौथाई में पड़ता है, धनात्मक क्षैतिज अक्ष से वामावर्त गिनते हुए। sine का चिह्न बताता है कि बिंदु अक्ष के ऊपर है या नीचे, cosine का चिह्न बताता है कि दाएँ है या बाएँ, और दोनों चिह्न मिलकर चौथाई का नाम तय कर देते हैं। यह ख़ाना इस पेज पर है क्योंकि sine अकेला यह नहीं बता सकता: तीस और एक सौ पचास दोनों का sine 0.5000 है, और कौन-सा कोण आपके हाथ में है यह सिर्फ़ चतुर्थांश से पता चलता है।
- अक्ष वाले कोणों का चतुर्थांश शून्य क्यों दिखाता है?
- क्योंकि शून्य, नब्बे, एक सौ अस्सी और दो सौ सत्तर डिग्री चौथाई के अंदर नहीं, उसकी सीमा पर बैठे हैं, और चतुर्थांश एक खुला हिस्सा है जिसकी हद अक्ष है। इन्हें पहले चतुर्थांश में डाल देना ऐसा दावा होता जो सच नहीं है — बिंदु क्षैतिज अक्ष के ऊपर नहीं, उसी पर है। शून्य ईमानदार जवाब है, और संदर्भ तालिका का चतुर्थांश वाला ख़ाना भी यही रीति अपनाता है।
- एक सौ पचास डिग्री का sine तीस डिग्री के बराबर क्यों है?
- क्योंकि किसी कोण का sine उसके संपूरक कोण के sine के बराबर होता है। एक सौ पचास डिग्री ऋजु कोण से तीस डिग्री कम है, और वृत्त को उसके लंबवत अक्ष के सहारे मोड़ने पर एक बिंदु दूसरे पर आ जाता है, इसलिए दोनों बिंदु एक ही ऊँचाई पर बैठते हैं। एक चक्कर के अंदर एक sine दो कोणों का होता है, और ये दोनों लंबवत अक्ष के आइने में प्रतिबिंब हैं — क्षैतिज अक्ष के नहीं — और ठीक इसीलिए मान नहीं बदलता जबकि चतुर्थांश बदल जाता है।
- क्या sine कभी ऋणात्मक होता है?
- हाँ, क्षैतिज अक्ष के नीचे के हर कोण पर, यानी चक्कर के दूसरे आधे हिस्से पर और हर ऋणात्मक कोण पर। मान एक सौ अस्सी और तीन सौ साठ डिग्री के बीच ऋणात्मक रहता है, और सबसे नीचे वह दो सौ सत्तर डिग्री पर माइनस एक तक जाता है। इस मामले में sine, cosine से चौथाई चक्कर की जगह आधे चक्कर पर पलटता है: cosine लंबवत अक्ष पार करते ही ऋणात्मक हो जाता है, और sine क्षैतिज अक्ष पार करते ही।
- क्या कोण रेडियन में भर सकते हैं?
- हाँ — ख़ाने के बग़ल में इकाई चुनने की सूची है और जवाब दोनों हालतों में एक ही आता है। तीस डिग्री और 0.5236 रेडियन एक ही कोण हैं, इसलिए दोनों का sine 0.5000 और चतुर्थांश 1 ही रहता है। ध्यान देने वाली बात यह है कि जिस स्रोत से आप मिलान कर रहे हैं वह कौन-सी इकाई मानकर चलता है, क्योंकि छपी हुई अधिकतर तालिकाएँ डिग्री में लिखी जाती हैं और प्रोग्रामिंग की भाषाएँ अक्सर रेडियन में।
संदर्भ
- Sine — the opposite-over-hypotenuse ratio, its odd symmetry, and its period of one full turn — Wolfram MathWorld (United States)
- Trigonometric Functions — the definitions of all six ratios, their ranges, and why the sine is defined at every angle while the tangent is not — Wolfram MathWorld (United States)
- Unit Circle — the circle of radius one, the four quadrants it is divided into, and why a point on it is read as a cosine and a sine — Wolfram MathWorld (United States)
- Sine, Cosine and Tangent — a first-principles walk through the ratios in a right triangle, with the special angles worked out rather than asserted — Math is Fun (United Kingdom)