व्युत्क्रम sine कैलकुलेटर
नतीजा
कोण
- कोण (रेडियन में)
- 0.5236 rad
व्युत्क्रम sine कैलकुलेटर sine के दिए हुए मान से वह कोण निकालता है जिसका वह मान है — जवाब एक साथ डिग्री और रेडियन दोनों में, क्योंकि दोनों की माँग लगातार पड़ती रहती है और हाथ से एक को दूसरे में बदलना इस इलाक़े की सबसे आम गिनती-ग़लती है। ख़ाना माइनस एक से एक के बीच का कोई भी मान लेता है; इस पट्टी के बाहर किसी कोण का sine नहीं होता, इसलिए 1.5 जैसा मान मना कर दिया जाता है — ख़ाली छोड़कर आगे नहीं बढ़ा जाता। बाक़ी सब कुछ एक ही बात से निकलता है: एक sine मान किसी एक कोण का नहीं होता। 0.5 तीस डिग्री का sine है, एक सौ पचास का भी, तीन सौ नब्बे का भी, और इनमें से हर एक में से पूरा चक्कर घटाकर जो मिले उन सबका भी। यह फलन इनमें से ठीक एक लौटाता है — वह जो माइनस नब्बे और नब्बे डिग्री के बीच बैठा है — और इसी चुनाव का नाम मुख्य मान है। इसका यह मतलब नहीं कि बाक़ी कोण नहीं हैं; वे सब इसी समीकरण के जवाब हैं, बस यह फलन उन्हें देने की इजाज़त नहीं रखता। फलन को arcsin लिखा जाता है। दो हदें इस पेज के जवाब को बाँधती हैं। पहली, भरा हुआ मान माइनस एक से एक के बीच होना चाहिए, क्योंकि कोण कुछ भी करे उसका sine इस पट्टी से बाहर नहीं जाता। दूसरी, जवाब का चिह्न भरने वाले मान से चलता है: ऋणात्मक मान पर कोण भी ऋणात्मक आता है, न कि वृत्त के निचले हिस्से वाला उसका बराबर कोण — और यही वह जगह है जहाँ यह पेज दुगुने और आधे कोण वाले पेजों से अलग पढ़ता है। नीचे की तालिका नौ मान देती है, हर पंक्ति में मुख्य कोण, उसके रेडियन, और वह दूसरा कोण जिसका sine वही है — और वह दूसरा कोण हर पंक्ति में एक सौ अस्सी में से मुख्य कोण घटाकर मिलता है, क्योंकि खड़े अक्ष के आर-पार लिया गया प्रतिबिंब sine नहीं बदलता। रेडियन वाला ख़ाना मुख्य कोण का ही दूसरा रूप है: तीस डिग्री π का छठा हिस्सा है, यानी 0.5236 रेडियन, और 180° = π rad एक परिभाषा है, अनुमान नहीं। दो पड़ोसी पेज यहाँ काम आते हैं। अगर अनुपात आसन्न भुजा बटा कर्ण है तो सवाल व्युत्क्रम cosine का है, जिसकी सीमा ऊपरी आधा वृत्त है और जिसका जवाब कभी ऋणात्मक नहीं होता; और अगर कोण से तीनों अनुपात चाहिए, तो त्रिकोणमिति वाला पेज उलटी दिशा में चलता है और जहाँ दोनों परिभाषित हैं वहाँ दोनों एक ही जवाब देते हैं।
नौ sine मान, मुख्य कोण और दूसरा हल
| sin θ | कोण (°) | दूसरा कोण (°) | कोण (रेडियन में) |
|---|---|---|---|
| -1 | -90 | 270 | -1.5708 |
| -0.866 | -60 | 240 | -1.0471 |
| -0.7071 | -45 | 225 | -0.7854 |
| -0.5 | -30 | 210 | -0.5236 |
| 0 | 0 | 180 | 0 |
| 0.5 | 30 | 150 | 0.5236 |
| 0.7071 | 45 | 135 | 0.7854 |
| 0.866 | 60 | 120 | 1.0471 |
| 1 | 90 | 90 | 1.5708 |
यहाँ दूसरा ख़ाना वह है जो फलन लौटाता है और तीसरा वह जो वह छोड़ देता है, और इसी जोड़ी के लिए यह तालिका है। बीच की पंक्तियों से शुरुआत कीजिए: शून्य का साथी शून्य और एक सौ अस्सी है, और 0.5 — यानी वह मान जिससे यह पेज खुलता है — का साथी वही जाना-पहचाना जोड़ा तीस और एक सौ पचास है। पूरी तालिका में दोनों कोण वाले ख़ाने जोड़ने पर एक सौ अस्सी आते हैं, यही खड़े अक्ष के प्रतिबिंब का हिसाब है, और यह सिरों पर भी टिका रहता है। दोनों सिरों पर दिलचस्पी दो अलग तरह से ख़त्म हो जाती है। ऊपर जोड़ा नब्बे और नब्बे है: sine का शिखर ठीक नब्बे डिग्री पर मुड़ता है, इसलिए नब्बे का प्रतिबिंब फिर नब्बे ही है और दोनों ख़ाने एक ही आँकड़ा छापते हैं। नीचे जोड़ा माइनस नब्बे और दो सौ सत्तर पढ़ता है, जो एक ही दिशा के दो लिखे हुए रूप हैं — दूसरा ख़ाना वह चिह्न रखता है जो फलन लौटाता है और तीसरा उसे वृत्त पर रख चुका है, और दोनों अलग कोण सिर्फ़ इसलिए लगते हैं क्योंकि एक को ऋणात्मक रहने दिया गया है। चौथा ख़ाना दूसरे ख़ाने का ही बदला रूप है; ध्यान दीजिए कि वह माइनस 1.5708 से 1.5708 तक चलता है, यानी दोनों तरफ़ π का आधा, जबकि कोण वाले ख़ाने पूरा आधा चक्कर नापते हैं।
फ़ॉर्मूला
θ = arcsin x x ∈ [−1, 1] θ ∈ [−90°, 90°] दूसरा हल = 180° − θ
- x
- वह sine मान जिससे शुरुआत होती है। यह माइनस एक से एक के बीच होना ज़रूरी है, क्योंकि कोण का sine इस पट्टी से बाहर नहीं जाता — पट्टी के बाहर का मान किसी कोण का sine ही नहीं है
- θ
- फलन जो कोण लौटाता है, और यही मुख्य मान कहलाता है। यह हमेशा माइनस नब्बे और नब्बे डिग्री के बीच रहता है, और डिग्री तथा रेडियन दोनों में छपता है
- 180° − θ
- वृत्त का वह दूसरा कोण जिसका sine वही है। खड़े अक्ष के आर-पार का प्रतिबिंब sine साझा करता है, इसीलिए साथी कोण जोड़कर नहीं, एक सौ अस्सी में से घटाकर मिलता है
- 180° = π rad
- डिग्री और रेडियन का रिश्ता, जो परिभाषा है और किसी माप पर नहीं टिका। इसीलिए 30.00° और 0.5236 rad एक ही कोण हैं, दो अलग जवाब नहीं — और दोनों ख़ाने एक ही पंक्ति में छपते हैं
इस पेज की ओर तब मुड़िए जब हाथ में अनुपात हो और कोण चाहिए: किसी सर्वे की ढलान sine के रूप में दर्ज हो, किसी बल का घटक पूरे का कुछ हिस्सा बताया गया हो, या किसी तालिका में सिर्फ़ अनुपात दर्ज हो और कोण निकालना हो। एक और मौक़ा त्रिभुज का है: जब दो भुजाएँ दी हों और उनमें से एक के सामने वाला कोण पूछा जाए, क्योंकि कोण का sine सामने की भुजा बटा कर्ण होता है। दो पड़ोसी पेज याद रखिए। अगर कोण दिया हो और उसके तीनों अनुपात चाहिए, तो त्रिकोणमिति वाला पेज उलटी दिशा में चलता है। और अगर हाथ में आसन्न भुजा बटा कर्ण का अनुपात हो, तो वह व्युत्क्रम cosine है, जिसकी सीमा पूरा ऊपरी आधा वृत्त है, सिर्फ़ दाहिना हिस्सा नहीं।
हल किए हुए उदाहरण
0.5 का sine मान, यानी वही जोड़ी जो हर किताब में है
- 0.5 पट्टी के भीतर है, इसलिए कोई इनकार नहीं
- फलन मुख्य कोण लौटाता है: तीस डिग्री
- वही कोण रेडियन में π का छठा हिस्सा है, यानी 0.5236
यह पंक्ति इस पेज की सबसे साफ़ मिसाल है, क्योंकि 0.5 के दो कोण हैं और यहाँ सिर्फ़ एक छपता है। एक सौ पचास डिग्री का sine भी ठीक 0.5 है, और वह ग़लत जवाब नहीं — वह इसी समीकरण का दूसरा जवाब है जिसे फलन देने की इजाज़त नहीं रखता। तालिका की तीसरी पंक्ति उसे 150.00 पर रखती है, और वहाँ से यह भी दिखता है कि दोनों कोण जोड़ने पर एक सौ अस्सी आता है।
0.25, जो किसी ख़ास कोण का मान नहीं है
- 0.25 किसी 30-45-60 जैसे कोण का sine नहीं है
- फलन 14.48 डिग्री लौटाता है, यानी 14 डिग्री से ज़रा सा ऊपर
- रेडियन में 0.2527 — दोनों ख़ाने एक ही कोण के दो रूप हैं
किताबों की तालिकाएँ आम तौर पर ख़ास कोणों पर रुक जाती हैं, और यह मान उनमें कहीं नहीं मिलता — इसीलिए यह काम कैलकुलेटर का है। जवाब तीस डिग्री के आधे से ज़रा कम है, और यह उम्मीद के मुताबिक़ है: sine शून्य के पास लगभग सीधी रेखा की तरह बढ़ता है, इसलिए 0.5 के आधे मान पर कोण भी तीस के लगभग आधे पर आता है — पर ठीक आधे पर नहीं, क्योंकि रेखा सीधी नहीं है। दोनों दशमलव तक पढ़ा हुआ जवाब 14.48 है, और यही वह सूरत है जहाँ हाथ की तालिका काम नहीं आती।
ऋणात्मक मान, जहाँ चिह्न बचा रहता है
- मान ऋणात्मक है, इसलिए कोण भी ऋणात्मक आएगा
- फलन −30.00 डिग्री लौटाता है, न कि 330 डिग्री
- रेडियन में भी वही ऋण चलता है: −0.5236
यहाँ एक ही दिशा के दो लिखने के तरीक़े सामने आते हैं, और यही इस पेज की सबसे नाज़ुक बारीक़ी है। माइनस तीस डिग्री और तीन सौ तीस डिग्री वृत्त पर एक ही दिशा बताते हैं, पर मुख्य मान वाली पट्टी में सिर्फ़ पहला बैठता है, इसलिए जवाब वही छपता है। अगर किसी हिसाब में शून्य से तीन सौ साठ तक का कोण चाहिए, तो तालिका का तीसरा ख़ाना उसे देता है — वहाँ −30 का साथी 210 लिखा है, और दोनों का फ़र्क़ ठीक एक सौ अस्सी डिग्री का है।
1, यानी पट्टी का सिरा
- एक इस पट्टी का सबसे बड़ा मान है, और यह चलता है
- फलन नब्बे डिग्री लौटाता है, यानी π बटा दो
- रेडियन में 1.5708 — और यहीं दोनों कोण वाले ख़ाने आपस में मिल जाते हैं
यह पंक्ति तालिका में अकेली ऐसी है जहाँ मुख्य कोण और दूसरा कोण एक ही आँकड़ा छापते हैं, और वजह ज्यामिति में है: sine का शिखर ठीक नब्बे डिग्री पर है, और शिखर का प्रतिबिंब ख़ुद शिखर ही होता है। नीचे के सिरे पर यही बात उलटे रूप में दिखती है, जहाँ −90.00 और 270.00 दो अलग आँकड़े लगते हैं पर वृत्त पर एक ही दिशा हैं। दोनों सिरों का जोड़ एक सौ अस्सी ही रहता है, भले ही एक जगह दोनों ख़ाने मिल जाएँ।
सीमाएँ
तीन बातें यह पेज नहीं करता। पहली, माइनस एक से एक के बाहर का मान मना कर दिया जाता है, नज़दीकी मान बनाकर नहीं दिखाया जाता: 1.5 किसी कोण का sine ही नहीं है, इसलिए वहाँ दिया हुआ जवाब किसी सवाल का जवाब नहीं होता। यह भाग देने वाली उस सूरत से अलग है जहाँ बड़ा मान छोटा जवाब बना देता है — यहाँ सवाल ही बेजवाब है। दूसरी बात, जवाब सिर्फ़ मुख्य मान है। माइनस एक से एक के बीच का हर sine मान पूरे चक्कर में दो कोणों का और चक्करों के हिसाब से अनगिनत कोणों का होता है, और यह पेज माइनस नब्बे से नब्बे वाली पट्टी का कोण लौटाता है; दूसरा कोण तालिका के तीसरे ख़ाने में है, पर वह कोण कितने चक्कर दूर है, यह यहाँ कहीं नहीं लिखा आता। तीसरी बात, रेडियन चार दशमलव तक और डिग्री दो दशमलव तक छपती है, इसलिए जो मान काटने के बाद किसी ख़ास कोण पर पड़ता है वह उसी कोण के नाम से छपता है: 0.866 का व्युत्क्रम sine 60.00 छपता है, जबकि साठ डिग्री का असली sine 0.866 से ज़रा सा बड़ा है। यह काटने की मजबूरी है, जवाब की ग़लती नहीं — और घोषित सीमा माइनस एक से एक है, इसलिए 1.0000001 जैसा मान भी वैसे ही मना हो जाता है जैसे 1.5।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- 0.5 का व्युत्क्रम sine तीस डिग्री देता है, एक सौ पचास क्यों नहीं?
- क्योंकि दोनों कोणों का sine 0.5 है, और एक फलन एक ही आँकड़ा लौटा सकता है। व्युत्क्रम sine की सीमा माइनस नब्बे से नब्बे डिग्री तक बँधी हुई है, और उस पट्टी में तीस डिग्री बैठता है। एक सौ पचास डिग्री उस समीकरण का बिल्कुल सही जवाब है और इस पेज की तालिका उसे तीसरे ख़ाने में दिखाती भी है, पर फलन वह नहीं लौटाता।
- एक से बड़ा मान भरने पर क्या होता है?
- वह मना कर दिया जाता है, क्योंकि किसी कोण का sine एक से ऊपर नहीं जाता — कोण चाहे कितना भी हो, sine माइनस एक और एक के बीच ही रहता है। इसीलिए इस फलन की सीमा ठीक वही पट्टी है और उसके बाहर कुछ भी किसी कोण से मेल नहीं खाता। यह भाग देने वाली उस सूरत से अलग है जहाँ 1.5 जैसा मान डालने पर छोटा जवाब निकल आता है; यहाँ 1.5 का सवाल ही बेजवाब है।
- ऋणात्मक मान पर जवाब ऋणात्मक क्यों आता है?
- क्योंकि मुख्य मान वाली पट्टी माइनस नब्बे से नब्बे डिग्री तक चलती है और उसका आधा हिस्सा शून्य के नीचे है। sine विषम फलन है — माइनस तीस डिग्री का sine, तीस डिग्री के sine का ऋणात्मक होता है — इसलिए उलटी दिशा में चलने पर ऋणात्मक मान से ऋणात्मक कोण ही निकलता है। माइनस 0.5 के लिए वृत्त का तीन सौ तीस डिग्री वाला कोण भी उसी दिशा में है, पर यह पेज चिह्न वाला कोण लौटाता है, तीन सौ तीस नहीं।
- sine के मान से कोण हाथ से कैसे निकालें?
- याद रखने लायक़ आँकड़े लीजिए — 0.5 पर तीस डिग्री, 0.7071 पर पैंतालीस, और 0.866 पर साठ — और बाक़ी के लिए तालिका या कैलकुलेटर देखिए। पर पहला 0.25 जैसे मान पर रुक जाता है: उसका कोण 14.48 डिग्री है और वह किसी किताब की तालिका में नहीं मिलता। हाथ से करते समय एक बात याद रखिए: एक चक्कर में हर मान दो कोणों का होता है और तालिका आम तौर पर सिर्फ़ पहला लिखती है, इसलिए दूसरे कोण के लिए एक सौ अस्सी में से पहला घटाइए।
- रेडियन में जवाब क्या होता है?
- वही कोण, बस दूसरी इकाई में मापा हुआ। तीस डिग्री π का छठा हिस्सा है, यानी 0.5236 रेडियन, और यह पेज दोनों ख़ाने साथ छापता है ताकि बदलना हाथ से न करना पड़े। 180° = π rad एक परिभाषा है, इसलिए यह बदलाव किसी अनुमान पर नहीं टिका — और यही वजह है कि कलन वाले हिसाब रेडियन में लिखे जाते हैं जबकि प्रोट्रैक्टर से नापे गए कोण डिग्री में।
- क्या व्युत्क्रम sine वही है जो एक बटा sine होता है?
- नहीं, और दोनों में उलझने की वजह साफ़ है — दोनों के नाम में sine आता है। व्युत्क्रम sine, sine को उलट देता है: 0.5 डालिए तो तीस डिग्री लौटाता है। एक बटा sine, 0.5 से 2 बनाता है, जो तीस डिग्री का cosecant है — यानी एक अनुपात, कोण नहीं। लिखने का तरीक़ा उलझन बढ़ा देता है, क्योंकि व्युत्क्रम को अक्सर ऊपर छोटा माइनस एक लिखकर दिखाया जाता है, जो देखने में घात जैसा लगता है और घात है नहीं।
संदर्भ
- Inverse Sine — the function this page computes, its principal range, and why the range has to be chosen at all — Wolfram MathWorld (United States)
- Inverse Trigonometric Functions — the three inverse functions together, with the ranges and the branch cuts — Wolfram MathWorld (United States)
- Trigonometric Functions — the definitions of sine, cosine and tangent, and the band each of them stays inside — Wolfram MathWorld (United States)
- Inverse Sine, Cosine, Tangent — the same three functions in plain language, with the range diagrams — Math is Fun (United Kingdom)