पैसे का वज़न कैलकुलेटर
नतीजा
कुल वज़न
- नोटों का वज़न
- 12.00
- सिक्कों का वज़न
- 93.04
- कुल टुकड़े
- 32
यह पैसे का वज़न कैलकुलेटर संयुक्त राज्य अमेरिका के सिक्कों और नोटों के लिए बना है, और यह पहली बात है जो यहाँ साफ़ होनी चाहिए: अमेरिकी हर वर्ग की गिनती डालिए और वज़न बाहर आता है। यह उन वज़नों का इस्तेमाल करता है जो सरकार ख़ुद छापती है — हर सिक्के का कानून में तय वज़न, और वह एक ग्राम जो किसी भी वर्ग के नोट का होता है — इसलिए आपको कोई ग्राम-भार न ढूँढना पड़ता है न ख़ुद लिखना पड़ता है। पन्ना जवाब को सिक्कों और नोटों में बाँटता है, दोनों उप-जोड़ों को जोड़कर कुल वज़न बनाता है, और बताता है कि ढेर में कुल कितने टुकड़े हैं। यह पैसे गिनने वाले पन्ने का साथी है: वह पन्ना बताता है कि नक़द का ढेर कितने का है, यह पन्ना बताता है कि उसका वज़न कितना है, और दोनों में से किसी को विनिमय दर की ज़रूरत नहीं पड़ती। भारत में इस पन्ने के आँकड़े लागू नहीं होते, और यह इतनी बुनियादी बात है कि इसे शुरू में ही कह देना ठीक है। भारत में चलने वाले सिक्के — 50 पैसे तथा 1, 2, 5, 10 और 20 रुपये — और वहाँ के नोट एक बिलकुल अलग सीढ़ी हैं, जिनका अपना अलग प्रकाशित वज़न है। वे सिक्के भारत सरकार के अधीन उस सरकारी कंपनी की चार टकसालें ढालती हैं जो देश की सिक्का-ढलाई और मुद्रण देखती है, और उनके भार भी ग्राम में ही प्रकाशित होते हैं — तो इकाई वही है, सीढ़ी दूसरी है। भारत के सिक्कों और नोटों के लिए इस पन्ने की कोई भी संख्या इस्तेमाल मत कीजिए: नीचे जो सीढ़ी है वह अमेरिकी वर्गों की है, और अमेरिकी नोट का एक ग्राम होना किसी और देश के नोट के बारे में कुछ नहीं कहता। जिसे भारत के सिक्कों का वज़न चाहिए उसे वहाँ की टकसालों के जारी किए आँकड़े देखने होंगे, और यही वजह है कि इस पन्ने में भारत की एक भी पंक्ति जोड़ने के बजाय यह बताया गया है कि वह पंक्ति यहाँ नहीं है।
संयुक्त राज्य अमेरिका के वर्ग: हर एक का वज़न, और एक किलोग्राम में कितने
| मूल्य वर्ग | हर एक का वज़न | प्रति किलोग्राम टुकड़े |
|---|---|---|
| कांस्य एक-सेंट (1982 और उससे पहले) | 3.11 ग्राम | 321.5434 |
| ताँबे की परत चढ़ा ज़िंक एक-सेंट (1983 से) | 2.50 ग्राम | 400 |
| पाँच-सेंट का टुकड़ा | 5 ग्राम | 200 |
| डाइम | 2.268 ग्राम | 440.9171 |
| क्वार्टर डॉलर | 5.67 ग्राम | 176.3668 |
| हाफ़ डॉलर | 11.34 ग्राम | 88.1834 |
| बैंकनोट, किसी भी वर्ग का | एक नोट का एक ग्राम | 1000 |
यही वह सीढ़ी है जिस पर पन्ना गिनता है, बस उलटी दिशा से पढ़ी हुई: बीच का कॉलम वह आँकड़ा है जिससे कैलकुलेटर गुणा करता है, और दाहिना कॉलम यह है कि उस आँकड़े को पलटने पर क्या मतलब निकलता है। दाहिना कॉलम यह देखने का सबसे तेज़ तरीक़ा भी है कि क़ीमत और वज़न का आपस में कितना कम रिश्ता है। ज़िंक एक-सेंट के टुकड़ों का एक किलोग्राम चार सौ सिक्कों का होता है और हाफ़ डॉलर का एक किलोग्राम अठासी का, यानी जितना भारी वर्ग उतने ही कम टुकड़े चाहिए — पर अंकित क़ीमत उसी सीढ़ी पर नहीं चलती: एक हाफ़ डॉलर का वज़न ठीक एक डाइम का पाँच गुना है और क़ीमत भी ठीक पाँच गुना, इसलिए हाफ़ डॉलर का एक किलोग्राम और डाइम का एक किलोग्राम क़ीमत में बिलकुल बराबर हैं, जबकि निकल या एक-सेंट के टुकड़ों का एक किलोग्राम उससे कहीं कम का है। दो एक-सेंट पंक्तियाँ इस तालिका की अकेली ऐसी जोड़ी हैं जो एक ही वर्ग दो बार है: ताँबे की परत चढ़े ज़िंक वाले 2.50 ग्राम और उससे पहले के कांस्य वाले 3.11 ग्राम, और यह फ़र्क़ सिक्के का पाँचवाँ हिस्सा है। उन दोनों पंक्तियों के बग़ल का आँकड़ा इस बात का गुण नहीं कि सिक्का कितने का है, बल्कि इस बात का कि वह किस धातु का है। डॉलर का सिक्का जान-बूझकर ग़ायब है, और वजह सवाल-जवाब में दी गई है: कानून उसका व्यास देता है और उसका वज़न अब नहीं देता। बीच के कॉलम का हर आँकड़ा किसी प्रकाशित अमेरिकी स्रोत से आता है — पाँच के लिए कानून, ताँबे की परत चढ़े ज़िंक वाली एक-सेंट पंक्ति के लिए ख़ज़ाने का सिक्का-विनिमय नियम, और नोट के लिए नोट छापने वाला ब्यूरो — और इनमें से कोई भी यहाँ नापा नहीं गया। भारत के पाठक के लिए इस तालिका में कुछ नहीं है। भारत में 50 पैसे तथा 1, 2, 5, 10 और 20 रुपये के सिक्के चलते हैं, उनके वज़न अलग हैं और वे यहाँ की सरकारी कंपनी की चार टकसालों में ढलते हैं, इसलिए ऊपर के किसी आँकड़े को किसी भारतीय सिक्के पर मत लगाइए — और नोट पर भी नहीं, क्योंकि यहाँ का एक ग्राम अमेरिकी नोट के बारे में है।
फ़ॉर्मूला
सिक्कों का वज़न = Σ (किसी वर्ग के टुकड़े × उस वर्ग का वज़न) | नोटों का वज़न = नोट × 1 ग्राम | कुल वज़न = नोटों का वज़न + सिक्कों का वज़न | टुकड़े = हर गिनती का जोड़
- coin001zinc
- ताँबे की परत चढ़े ज़िंक के एक-सेंट के टुकड़े, यानी वे जो 1983 से ढाले जा रहे हैं। हर एक का वज़न 2.50 ग्राम है, जो टकसाल 1983 के बाद से असल में बना रही है
- coin001bronze
- कांस्य के एक-सेंट के टुकड़े, यानी वे जो 1982 तक ढाले गए। हर एक का वज़न 3.11 ग्राम है, वही वज़न जो कानून तय करता है और जिससे ख़ज़ाने की विनिमय दर निकाली गई थी, इसलिए वही दस सिक्के पुरानी धातु में 6.1 ग्राम भारी पड़ते हैं
- coin005
- पाँच-सेंट के टुकड़े, हर एक 5 ग्राम। इस सूची में यही एक सिक्का है जिसका कानूनी वज़न गोल संख्या है, जिससे यह हाथ से जाँचने की सबसे आसान पंक्ति बन जाता है
- coin010
- डाइम के टुकड़े, हर एक 2.268 ग्राम। इसी वजह से पन्ना ग्राम के सौवें हिस्से तक बताता है: डाइम का वज़न गोल संख्या नहीं है, और गुणा करने से पहले उसे 2.27 तक पूर्णांकित कर देना हर डाइम के जोड़ को थोड़ा ग़लत कर देता
- coin025
- क्वार्टर के टुकड़े, हर एक 5.67 ग्राम। इनमें से चार का वज़न 22.68 ग्राम होता है, जो उस 22.8 से ज़रा कम है जो सिक्के को पहले 5.7 तक पूर्णांकित करने पर मिलता
- coin050
- हाफ़ डॉलर के टुकड़े, हर एक 11.34 ग्राम, इस पन्ने का सबसे भारी सिक्का और वही वजह जिससे इनका थोड़ा-सा ढेर ही आम तौर पर बटुए को एक किलोग्राम से ऊपर धकेल देता है
- नोटों की संख्या
- कितने नोट, किसी भी वर्ग के, एक साथ गिने हुए। नोट एक का हो या सौ का, उसका वज़न करीब एक ग्राम ही रहता है, इसलिए यह टुकड़ों की गिनती है, किसी क़ीमत की नहीं — और इसीलिए सौ-सौ के नोटों में पड़ी बड़ी रक़म का वज़न लगभग पूरी तरह इसी सवाल का जवाब होता है कि ऐसे नोट कितने हैं
- सिक्कों का वज़न
- सिक्कों का वज़न: छहों सिक्का-पंक्तियों का जोड़, जिसे पंक्ति-दर-पंक्ति नहीं बल्कि आख़िर में एक ही बार ग्राम के सौवें हिस्से तक पूर्णांकित किया जाता है
- नोटों का वज़न
- नोटों का वज़न, ग्राम में, एक-एक ग्राम के हिसाब से। लगभग हर ढेर में यह तीनों वज़न-संख्याओं में सबसे छोटी होती है, और यह जान लेना काम का है इससे पहले कि आप तय करें कि नक़द से भरा सूटकेस उठाना भारी होगा
- कुल वज़न
- कुल वज़न, यानी पूरा ढेर: नोटों का वज़न जमा सिक्कों का वज़न। यह मुख्य आँकड़ा है, और इसके ऊपर के दोनों उप-जोड़ ठीक-ठीक इतने ही बनते हैं, इसलिए पन्ने पर छपी संख्याओं से जोड़ को जाँचा जा सकता है
- कुल टुकड़े
- टुकड़े: हर गिनती का जोड़, सिक्के और नोट दोनों मिलाकर। एक ही वज़न के सिक्कों का ढेर और नोटों का ढेर दो बिलकुल अलग चीज़ें होती हैं, और यही वह आँकड़ा है जो दोनों को अलग करता है
इसका इस्तेमाल तब कीजिए जब सवाल यह हो कि किसी रक़म का वज़न कितना है, यह नहीं कि वह कितने की है: सिक्कों का वह डिब्बा जिसे आप बैंक ले जाने वाले हैं, कोई संग्रह जिसे पैक करके डाक से भेजना है, वह गुल्लक जिसका सारा माल आप गिन चुके हैं, या ऐसा डाक-ख़र्च का अंदाज़ा जिसमें हर सिक्के के लिए किलोग्राम की संख्या चाहिए। छह में से पाँच सिक्कों के वज़न उस कानून से आते हैं जो अमेरिकी सिक्कों के मापदंड तय करता है, और छठा यानी ताँबे की परत चढ़े ज़िंक वाले एक-सेंट का वज़न उस ख़ज़ाने के नियम से आता है जो दोनों एक-सेंट वज़न एक साथ छापता है, इसलिए ये आँकड़े सरकार के अपने हैं, किसी सिक्का-सूची की गोल की हुई संख्या नहीं। अगर आपको ढेर की क़ीमत चाहिए, या आप मिली-जुली मुद्रा गिन रहे हैं जिसका अंकित मूल्य अभी पता नहीं, तो पैसे गिनने वाला पन्ना लीजिए; और अगर आप अपनी दी हुई दर पर मुद्राएँ बदल रहे हैं तो मुद्रा कन्वर्टर लीजिए। उन दोनों में से कोई नहीं पूछता कि किसी चीज़ का वज़न कितना है, और यह पन्ना नहीं पूछता कि किसी चीज़ की क़ीमत कितनी है। भारत के पाठक के लिए एक ही बात दोहरानी काफ़ी है: नीचे की सीढ़ी अमेरिकी वर्गों की है, और भारत के सिक्कों तथा नोटों का वज़न उससे न निकालिए। भारत में 50 पैसे तथा 1, 2, 5, 10 और 20 रुपये के सिक्के चलते हैं और उनका अपना प्रकाशित वज़न है, जो देश की सिक्का-ढलाई देखने वाली सरकारी कंपनी की टकसालें जारी करती हैं; नोटों का भी अपना अलग वज़न है। रुपये में गिनी गई रक़म का वज़न निकालने के लिए वहाँ का जारी आँकड़ा देखना ही पड़ेगा, और यह पन्ना उसकी जगह नहीं ले सकता।
हल किए हुए उदाहरण
चूक-सा मामला: जेब में मिले-जुले सिक्के और बारह नोट
- ज़िंक के एक-सेंट के टुकड़े: 4 × 2.50 = 10.00 ग्राम
- पाँच-सेंट के टुकड़े: 3 × 5.00 = 15.00 ग्राम
- डाइम: 5 × 2.268 = 11.34 ग्राम
- क्वार्टर: 6 × 5.67 = 34.02 ग्राम
- हाफ़ डॉलर: 2 × 11.34 = 22.68 ग्राम
- सिक्के: 10.00 + 15.00 + 11.34 + 34.02 + 22.68 = 93.04 ग्राम
- नोट: 12 × 1 = 12.00 ग्राम
- कुल: 12.00 + 93.04 = 105.04 ग्राम, और 4 + 3 + 5 + 6 + 2 + 12 = 32 टुकड़े
शुरू यहीं से कीजिए क्योंकि यहाँ जोड़ ठीक-ठीक बैठता है: मुख्य आँकड़े के ऊपर छपे दोनों उप-जोड़ मिलकर वही आँकड़ा बनाते हैं, इसलिए पन्ने को उसी से जाँचा जा सकता है, कुछ दोबारा निकालने की ज़रूरत नहीं। पाँचों सिक्का-पंक्तियाँ एक-एक करके पढ़ने लायक़ हैं, क्योंकि वे वही पाँच गुणा हैं जिनसे बचाने के लिए यह पन्ना बना है। बारह नोट सौ पाँच में से बारह ग्राम जोड़ते हैं, और ढेर के वज़न का अंदाज़ा लगाते वक़्त लोग यही बात सबसे ज़्यादा ग़लत करते हैं: नोट लगभग कुछ नहीं होते, और लगभग पूरा वज़न सिक्कों का होता है।
दस कांस्य एक-सेंट के टुकड़े, 1983 से पहले की धातु
- दस कांस्य एक-सेंट के टुकड़े, हर एक 3.11 ग्राम: 10 × 3.11 = 31.10 ग्राम
- ढेर में और कुछ नहीं है, इसलिए दोनों उप-जोड़ और कुल तीनों 31.10 ग्राम हैं
पुराने एक-सेंट के टुकड़ों को अपना अलग खाना चाहिए क्योंकि वही दस सिक्के इस पर निर्भर करते हैं कि वे कब ढाले गए थे, दो अलग वज़न के होते हैं, और सिक्के के चेहरे पर कुछ भी नहीं लिखा होता कि आपके पास कौन-से हैं। 3.11 ग्राम वही आँकड़ा है जो कानून में है, और वही वज़न है जिससे ख़ज़ाने के नियम ने अपनी प्रति-पाउंड विनिमय दर निकाली थी — वह नियम दोनों वज़न एक साथ छापता है, और यहाँ वही स्रोत इस्तेमाल हुआ है। अगर आपके हाथ के सिक्के 1982 के बाद बने हैं तो वे ताँबे की परत चढ़े ज़िंक वाले हैं, और अगले उदाहरण में वही दस सिक्के दोबारा आते हैं।
दस ज़िंक एक-सेंट के टुकड़े, वही सिक्के एक पीढ़ी बाद
- दस ताँबे की परत चढ़े ज़िंक एक-सेंट के टुकड़े, हर एक 2.50 ग्राम: 10 × 2.50 = 25.00 ग्राम
- ढेर में और कुछ नहीं है, इसलिए कुल 25.00 ग्राम है
पच्चीस ग्राम, जबकि पिछले उदाहरण में इकतीस — धातु बदलने से हर दस एक-सेंट के टुकड़ों में से 6.1 ग्राम निकल गया, यानी उनके वज़न का पाँचवाँ हिस्सा, और उनका व्यास वैसा ही रहा। इसी जोड़ी की वजह से इस पन्ने पर एक-सेंट के दो खाने हैं, एक नहीं। दोनों सिक्कों में देखते ही कुछ फ़र्क़ नहीं दिखता, इसलिए अगर आपको पता न हो कि जो तौल रहे हैं वह कब का है, तो ईमानदार तरीक़ा यह है कि एक सिक्का तोलकर देख लीजिए कि वह किस खाने में जाता है; कानून में ख़ज़ाने के सचिव को एक-सेंट का वज़न तय करने की जो छूट है, वही वजह है कि यह अकेला ऐसा वर्ग है जिसका प्रकाशित वज़न दो जवाब देता है।
छहों सिक्कों में से एक-एक, और पाँच नोट
- हर सिक्के का एक-एक: 3.11 + 2.50 + 5.00 + 2.268 + 5.67 + 11.34 = 29.888 ग्राम
- आख़िर में एक ही बार पूर्णांकित: सिक्कों का 29.89 ग्राम
- नोट: 5 × 1 = 5.00 ग्राम
- कुल: 5.00 + 29.89 = 34.89 ग्राम, और 6 + 5 = 11 टुकड़े
बिना पूर्णांकित जोड़ 29.888 ग्राम है और पन्ना 29.89 छापता है, और यही इस बात का सबसे साफ़ नज़ारा है कि यहाँ पूर्णांकन होता कैसे है: एक बार, किसी उप-जोड़ के आख़िर में, ग्राम के सौवें हिस्से तक। दूसरा तरीक़ा — चलते-चलते डाइम को 2.27 कर लेना — यहाँ भी 29.89 ही दिखाता और फिर दूसरी गिनतियों पर पन्ने से मेल नहीं खाता, और वह चूक पकड़ने में ज़्यादा मुश्किल होती है। इन उनतीस ग्रामों में ग्यारह अकेले हाफ़ डॉलर के हैं, इसलिए हर वर्ग का एक-एक सिक्का उतना बराबर बँटा हुआ नहीं है जितना सुनने में लगता है।
नौ सौ सिक्कों की थैली, कोई नोट नहीं
- ज़िंक के एक-सेंट के टुकड़े: 500 × 2.50 = 1250.00 ग्राम
- पाँच-सेंट के टुकड़े: 100 × 5.00 = 500.00 ग्राम
- डाइम: 100 × 2.268 = 226.80 ग्राम
- क्वार्टर: 200 × 5.67 = 1134.00 ग्राम
- कुल: 1250.00 + 500.00 + 226.80 + 1134.00 = 3110.80 ग्राम
- नोटों का उप-जोड़ शून्य है, इसलिए ढेर 3110.80 ग्राम है, और 900 टुकड़े
नौ सौ सिक्कों से तीन किलोग्राम, और यही ऐसा आँकड़ा है जो तय करता है कि थैली उठाकर ले जाई जा सकती है या गाड़ी से जाना पड़ेगा। इस ढेर की बनावट ही सबसे दिलचस्प बात है: दो सौ क्वार्टर टुकड़ों के एक-चौथाई से कम हिस्से पर वज़न का एक-तिहाई से ज़्यादा ढोते हैं, जबकि पाँच सौ एक-सेंट के टुकड़े आधे से ज़्यादा टुकड़ों पर आधे से कम वज़न रखते हैं। सिक्कों के वज़न की सामान्य शक्ल यही है — क़ीमत और वज़न का आपस में लगभग कोई रिश्ता नहीं, क्योंकि जो तौलता है वह धातु है और वर्ग तो उस पर छपा भर होता है। ऊपर से मुट्ठी भर हाफ़ डॉलर जोड़ दीजिए तो आँकड़ा फिर उछलता है: उनमें से दो नौ ज़िंक एक-सेंट के टुकड़ों से भारी होते हैं।
सीमाएँ
पन्ना पढ़ने से पहले चार बातें जान लेना काम की हैं। पहली यह कि ये वज़न क्या हैं। छह में से पाँच सिक्कों के आँकड़े वही हैं जो कानून अमेरिकी सिक्कों के लिए तय करता है, और छठा वह ताँबे की परत चढ़े ज़िंक वाला आँकड़ा है जो उस ख़ज़ाने के नियम में छपा है जो इनके लिए विनिमय दर तय करता है; इनमें से कोई भी इस पन्ने पर नापा नहीं गया, और कोई भी किसी सिक्का-सूची की गोल की हुई संख्या नहीं है। इसका नतीजा यह है कि ये आपके सिक्कों का ब्यौरा नहीं बल्कि उनका मापदंड बताते हैं। घिसा हुआ सिक्का नए से हल्का होता है, और जो सिक्का दस साल फ़व्वारे में पड़ा रहा वह और भी हल्का। छोटे-छोटे मिले-जुले सिक्कों के डिब्बे में यह फ़र्क़ असली है पर छोटा; एक अकेले सिक्के में यही पूरा जवाब है। दूसरी बात है वह डॉलर का सिक्का जो यहाँ नहीं है। चलन में एक-डॉलर का सिक्का है, पर जो कानून सिक्कों के मापदंड तय करता है वह उसका ज़िक्र सिर्फ़ व्यास से करता है और उसका वज़न संशोधन द्वारा कानून से हटा दिया गया था, इसलिए कोई प्रकाशित आँकड़ा नहीं है जिसे यह पन्ना ईमानदारी से इस्तेमाल कर सके। किसी कम भरोसेमंद जगह से कोई संख्या छापने के बजाय सीढ़ी हाफ़ डॉलर पर रुक जाती है: छूटी हुई पंक्ति दिख जाती है, और गढ़ी हुई नहीं दिखती। तीसरी बात नोट का वज़न। एक नोट का एक ग्राम नोट छापने वाले ब्यूरो का अपना लगभग-आँकड़ा है, और वह हर वर्ग पर लागू होता है, इसलिए एक-एक के सौ नोट और सौ-सौ के सौ नोट दो अलग चीज़ें हैं, भले ही दोनों का वज़न एक ही हो। यह उस वर्ग पर लगाया गया अनुमान है जो दशकों में कई तरह के काग़ज़ पर छपा है, और रसोई के तराज़ू पर एक अकेला नोट अकसर ज़रा कम या ज़रा ज़्यादा दिखाएगा। चौथी बात यह कि पन्ना क्या नहीं जानता। यह देश नहीं जानता: सीढ़ी अमेरिकी वर्गों की है, और किसी दूसरे देश के सिक्कों के लिए कोई खाना नहीं है, क्योंकि वज़न वही टकसाल प्रकाशित कर सकती है जो उस सिक्के को ढालती है और इस पन्ने में सिर्फ़ वही आँकड़े हैं जो प्रकाशित हुए हैं। यह यह भी नहीं जानता कि आप जो तौल रहे हैं उसकी क़ीमत कितनी है, और यह भी नहीं कि सिक्के साफ़ हैं या नहीं। भारत के बारे में यहाँ एक ही बात कहनी है, पर साफ़-साफ़: नीचे की सीढ़ी अमेरिकी वर्गों की है और भारत के सिक्कों तथा नोटों पर लागू नहीं होती। भारत में 50 पैसे तथा 1, 2, 5, 10 और 20 रुपये के सिक्के चलते हैं, उनका अपना प्रकाशित वज़न है, और वे उस सरकारी कंपनी की चार टकसालों में ढलते हैं जो भारत सरकार के अधीन देश की सिक्का-ढलाई तथा मुद्रण देखती है; नोटों का वज़न भी अलग है। इस पन्ने में जान-बूझकर भारत की एक भी संख्या नहीं है, क्योंकि ऐसा आँकड़ा किसी प्रकाशित स्रोत से लेना चाहिए, अनुमान से नहीं — और रुपये की रक़म का वज़न निकालने के लिए वहाँ का जारी किया हुआ आँकड़ा ही देखना पड़ेगा। आख़िर में, अगर आपको ढेर की अंकित क़ीमत चाहिए, वज़न नहीं, तो पैसे गिनने वाला पन्ना देखिए; और अगर आपको कोई मुद्रा बदलनी है तो मुद्रा कन्वर्टर अपनी दी हुई दर पर वह कर देता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- एक डॉलर का वज़न कितना होता है?
- ताँबे की परत चढ़े ज़िंक के एक-सेंट के टुकड़ों में एक डॉलर का वज़न करीब 250 ग्राम होता है, क्योंकि सौ में से हर सिक्का 2.50 ग्राम का है। क्वार्टर के टुकड़ों में वही डॉलर चार सिक्के हैं, हर एक 5.67 ग्राम, यानी 22.68 ग्राम — दसवें हिस्से से भी कम। डॉलर गिनती की इकाई है, इसलिए उसका अपना कोई वज़न नहीं होता: जिसका वज़न होता है वह वह धातु है जो आप ढो रहे हैं, और प्रति डॉलर धातु वर्ग से तय होती है। चलन में एक अपवाद नोट है, जहाँ एक-एक के सौ नोट का वज़न हर नोट का एक ग्राम है और सौ-डॉलर के एक नोट का भी वही एक ग्राम।
- एक-सेंट के लिए दो खाने क्यों हैं?
- क्योंकि चलन में एक-सेंट के दो टुकड़े हैं और उनका वज़न अलग-अलग है। 1982 तक ढाला गया कांस्य सिक्का 3.11 ग्राम का है; 1983 से ढाला जा रहा ताँबे की परत चढ़ा ज़िंक सिक्का 2.50 ग्राम का। विनिमय दर तय करने वाला ख़ज़ाने का नियम दोनों वज़न एक ही वाक्य में छापता है, और कानून ख़ुद एक-सेंट को वह अकेला सिक्का बताता है जिसका वज़न सचिव बदल सकते हैं, इसीलिए यह अकेला वर्ग है जिसका प्रकाशित आँकड़ा दो जवाब देता है। आपके पास कौन-से हैं, इस पर दस टुकड़ों का फ़र्क़ 6.1 ग्राम का होता है।
- एक किलोग्राम में कितने सिक्के होते हैं?
- यह पूरी तरह वर्ग पर निर्भर करता है, और नीचे की सहायक तालिका हर एक का आँकड़ा देती है: ज़िंक क़िस्म के चार सौ एक-सेंट के टुकड़े ठीक एक किलोग्राम के होते हैं, दो सौ पाँच-सेंट के होते हैं, और हाफ़ डॉलर के करीब अठासी लगते हैं। क़ीमत और वज़न एक-दूसरे का पीछा बमुश्किल करते हैं, इसीलिए तालिका प्रति सिक्का है, प्रति डॉलर नहीं। मिले-जुले ढेर के लिए ईमानदार जवाब यही है कि पहले ढेर गिनना पड़ेगा: यह पन्ना गिनती को वज़न में बदलता है, और मिलावट जाने बिना किसी किलोग्राम के आँकड़े से गिनती का अंदाज़ा नहीं लगा सकता।
- क्या तालिका में डॉलर के सिक्के की कोई पंक्ति है?
- नहीं, और यह छोड़ना जान-बूझकर है। जो कानून अमेरिकी सिक्कों के मापदंड तय करता है वह डॉलर के सिक्के का ज़िक्र सिर्फ़ व्यास से करता है — 1.043 इंच — और उसका वज़न 1998 के एक संशोधन द्वारा उस धारा से हटा दिया गया था, इसलिए कोई प्रकाशित आँकड़ा नहीं है जिसे यह पन्ना ईमानदारी से इस्तेमाल कर सके। किसी सिक्का-सूची या दुकान के पन्ने से ली गई संख्या शायद सही होती, पर वह यहाँ के बाक़ी सारे आँकड़ों से अलग क़िस्म के स्रोत से आती, और तालिका में ग़लत संख्या छूटी हुई पंक्ति से कहीं मुश्किल से पकड़ में आती है। इसलिए सीढ़ी हाफ़ डॉलर पर रुक जाती है।
- पन्ना यह क्यों नहीं पूछता कि मेरे सिक्कों की क़ीमत कितनी है?
- क्योंकि वज़न और क़ीमत दो अलग सवाल हैं और दोनों को मिला देने से दोनों बिगड़ते हैं। मिले-जुले सिक्कों के ढेर को तोलकर उसका अंकित मूल्य नहीं बताया जा सकता, और गिनकर उसका वज़न नहीं निकाला जा सकता, भले ही लोग एक से दूसरे को निकलता हुआ मान लेते हैं। यह पन्ना वज़न वाला आधा है, और यही वह आधा है जो काम आता है जब आप कोई पार्सल भेज रहे हों, गुल्लक एक किलोग्राम तक भर रहे हों, या तय कर रहे हों कि थैली उठाई जा सकती है या नहीं। पैसे गिनने वाला पन्ना क़ीमत वाला आधा है, उन्हीं वर्गों और उसी शक्ल के पैनल के साथ।
- क्या नोट का वज़न सटीक है?
- नहीं, यह नोट छापने वाले ब्यूरो का अपना अनुमान है और ब्यूरो यह ख़ुद कहता है: नोट का लगभग वज़न, किसी भी वर्ग का हो, एक ग्राम है। असली नोट दशकों में कई तरह के काग़ज़ पर छपे हैं, और चला हुआ नोट नए से ज़रा हल्का होता है। पचास नोटों की गिनती में आधे ग्राम का यह ढील किसी भी ऐसे फ़ैसले को नहीं बदलता जो आप जवाब के साथ करेंगे; और अगर सवाल चिट्ठी में डाले गए एक अकेले नोट का वज़न हो, तो ईमानदार तरीक़ा यह है कि उसे तराज़ू पर रख दीजिए। और अगर नोट भारतीय हैं तो यह आँकड़ा वैसे भी नहीं लगता — यह अमेरिकी नोटों के बारे में है।
संदर्भ
- Denominations, specifications, and design of coins — the statute that fixes the weight of every circulating United States coin: the half dollar at 11.34 grams, the quarter at 5.67 grams, the dime at 2.268 grams, the 5-cent piece at 5 grams. It is the source of five of the six coin figures on this page, and its one-cent clause is the reason the sixth needs a second source: the weight is given as 3.11 grams only 'except as provided under subsection (c)', and subsection (c) lets the Secretary prescribe a different weight and alloy, which is what happened in 1982 — Legal Information Institute, Cornell Law School (United States)
- Exchange of Coin — the Treasury rule that publishes both one-cent weights side by side: the bronze coin at 3.11 grams, which the redemption rate of 1.4585 dollars per pound was derived from, and the copper-plated zinc coin at 2.50 grams that the Mint began issuing in 1983. It is where both one-cent figures are printed side by side, and the reason the ladder has two one-cent rows rather than one — Federal Register, National Archives and Records Administration (United States)
- Currency FAQs — the Bureau of Engraving and Printing's own statement that the approximate weight of a note, regardless of denomination, is one gram. It is the source of the single note field on this page: because the figure holds across every denomination, the note side of the ladder is a count of pieces rather than a list of seven denominations — Bureau of Engraving and Printing, U.S. Department of the Treasury (United States)
- Security Printing & Minting Corporation of India Limited — the Government of India enterprise under the Department of Economic Affairs that runs the four India Government Mints, and the authority an Indian reader needs instead of the ladder below: the coins circulating in India are struck by these four mints, so an Indian weight has to be taken from the mint's own published figures rather than from any of the United States numbers on this page. This link is the minting authority and not a weight table: no per-denomination figures could be reached on it, which is exactly why this page prints no Indian row — Security Printing & Minting Corporation of India Limited, Department of Economic Affairs, Government of India (India)